प्रकाश प्रदूषण (light pollution)
इंसान हर रोज कुछ न कुछ कार्य करता है,और उन कार्यो में जाने-अनजाने में गलती भी करता है, प्रदूषण उसी गलती में से एक है। इसे हिंदी में हम अतिचार भी कहते है| प्रदूषण कई प्रकार के होते है|उनमे से प्रमुख निम्न है-
- बायु प्रदूषण
- जल प्रदूषण
- मृदा प्रदूषण
- ध्वनि प्रदूषण
- प्रकाश प्रदूषण
effect of light pollution
एक बार जब में राजस्थान पत्रिका पढ़ रहा था|तब मुझे लाइट पॉलुशन के बारे में पहली बार पता चला तब में इसके बारे में जानने के लिए और इसे देखने के लिए उत्सुक था |तब से में इसके बारे में काफी खोजा फिर कुछ महीने बाद में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से घर लोट रहा था, तब मेने इसका प्रभाव देखा मेने एक किताब में पड़ा था की भारतीय शहर धीरे-धीरे इसकी चपेट में आ रहे है , और अगर जल्द ही जागरूक नहीं हुए तो वह दिन दूर नहीं की जब तारे दिखना बंद हो जाएगे| बही होगा जो अब बायु प्रदूषण या अन्य प्रदूषण के कारण हो रहा है इसका प्रभाब एक साथ नहीं होता । परंतु धीरे-धीरे यह रातो की नींद उड़ा ले जाता है
LOS ANGELES शहर के 1994 में आये भूकंप से शहर की पूरी बिजली स्थिति चरमरा गयी. अपनी पीढ़ी के लोगों ने पहली बार घना आकाश और उसमें सितारों को देखा. उन्होंने डरकर आपातकाल नंबर पर फ़ोन कर आसमान में किसी रुपहले चीज़ के होने की आशंका जताई. दरअसल उन्होंने पहली बार यह दृश्य देखा था. वह कुछ और नहीं अपितु हमारी आकाश गंगा (MILKY WAY) थी और वह नभ में टिमटिमाते सितारे देख रहे थें …
ऐसा हमारे साथ न हो अतः आइये अब हम इसके प्रभावो पर चर्चा करते है।
- इसका तात्कालिक प्रभाब है ऊर्जा का ब्यय लेकिन अन्य प्रभाब है |
- इससे खगोल विज्ञानं पर सीधा प्रभाव पड़ता है |
- इससे बच्चो को बचपन में माँ-बाप से मिलने वाली तारो की जो शिक्षा है वो नहीं नहीं मिल पाती है |
- इससे पशु-पक्षी दिग्भ्रमित हो जाते ही वे रात व दिन का सही अन्दाजा नहीं लगा पाते है, इससे हर साल लाखो प्रवाशी पक्षियों की मोत हो जाती है |
- हम सब जानते ही कि पेड़-पौधे फोटो सिंथेसिस की क्रिया में भोजन बनाते है,रात्रि में ये एक तत्व तैयार करते है "फाइटोक्रोम "लेकिन मिलने वाली रोशनी यह प्रक्रिया बाधित होती है |
6.यह मौसम पर सीधा प्रभाब नहीं डालता ,परंतु विधुत कोयले से बनती है, जिसे जलने पर कार्बन डाई ऑक्साइड निकालता है ,और यह मौसम पर प्रभाब डालता है ।
7.चूकि हम अंधकार से दूर रहने लगे है ,अतः यह मानव सरीर को बीमारियो का निवास बना रहा है, हमारे शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन तभी बनता ही जब नेत्रो को अंधकार का संकेत मिले और यह हार्मोन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है, व इस प्रदूषण से अनिद्रा भी आती है |
आईये हम जानते है कि इसके घातक प्रभावो से हम कैसे बचे - घर के अंदर
- जहा तक हो सके कृत्रिम प्रकाश का प्रयोग कम से कम करे, ज्यादातर LED का प्रयोग करे ।
- सीढ़ी बाथरूम आदि में कम वाट की CFLया LED का प्रयोग करे|
2 . घरो के बाहर
- घरो से भर इसे रोकने के लिए हमें स्ट्रीट लाइट्स ऐसे प्रयोग करना चाहिए|
- चुकि LEDसे प्रदूषण बहुत कम होता है ,अतः फैक्ट्रियो में रिफलेक्टर लगाकर LED से प्रकाश उस पर डालना चाहिए ,इससे प्रदूषण वहुत हद तक काम हो जाएगा
तो दोस्तों कैसी लगी आपको ये जानकारी उम्मीद करता हू आपको पसंन्द आया होगा comment के माध्यम से बताए |




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